किशोरों के शव जहां मिले वहां काफी संघर्ष के निशान भी हैं, यानी बच्चों ने भी अपने बचाव के लिए काफी जद्दोजहद की। हालांकि परिवार कह रहा है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है, जबकि इस निर्ममता से हत्याएं ये बताती हैं कि हत्यारे जरूर जान पहचान वाले ही हैं। वे कौन हैं और क्यों इन दोनों की हत्या की, इस सवाल का जवाब तो हत्यारों के पकड़े जाने के बाद ही मिलेगा।
मालूम हो कि बृहस्पतिवार शाम भक्सा गांव से लापता अभिषेक और प्रिंस का शव अगले दिन सुबह गांव से करीब एक किमी दूर सरसों के खेत में मिला था। दोनों शवों के बीच 100 मीटर की दूरी थी। उनके मुंह में कपड़ा ठूंसा था और हाथ-पैर रस्सी से बंधे थे। पुलिस के अनुसार, दोनों का सिर पीछे से पकड़कर किसी कम धारदार चाकू से उनका गला कई बार रेता गया था। गर्दन पर कई जगह रेतने के निशान मिले हैं। शुक्रवार देर रात दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके आधार पर पुलिस ये आशंका जाहिर कर रही है। पुलिस का मानना है कि हत्यारों की संख्या तीन से चार हो सकती है।
घटना स्थल पर मिला एक मोबाइल नंबर
गांव की एक महिला ने बताया कि घटनास्थल पर पुलिस को एक कागज पर लिखा मोबाइल नंबर मिला है। पुलिस ने उस नंबर पर कॉल किया तो दूसरी तरफ से पहले फोन उठाया गया, इसके बाद स्विच ऑफ कर दिया। पुलिस सर्विलांस की मदद से उस मोबाइल नंबर का पता लगा रही है।
कई सवालों के जवाब ढूंढ रही पुलिस
घटना स्थल पर शनिवार को खुद एसपी उत्तरी ने भी जांच पड़ताल की और लोगों से पूछताछ की। कई एंगल से पुलिस मामले की जांच कर रही है। ऐसा भी अंदेशा है कि शायद बच्चों ने किसी को गलत काम करते हुए देख लिया था। इसीलिए उनकी हत्या कर दी गई।
घर और घटनास्थल के बीच दौड़ता रहा टोनी
बृहस्पतिवार को लापता अभिषेक और प्रिंस की साइकिल देर रात ही घर से दो किमी दूर मिल गई थी। अगली सुबह साइकिल मिलने वाली जगह से एक किमी और आगे सरसों के खेत में दोनों बच्चों की लाश मिलीं। हत्यारों ने बच्चों के शव को करीब तीन सौ मीटर तक घसीटा भी था, क्योंकि खून के निशान इतनी दूरी तक मिले हैं। घटनास्थल पर अधिकारियों के साथ ही फॉरेंसिक और डॉग स्क्वायड भी पहुंचा था। वहां पर केवल बच्चों के कपड़े, टोपी और अन्य सामान मिले। पुलिस का खोजी कुत्ता टोनी बच्चों के कपड़े सूंघकर तीन किमी दूर घर की तरफ गया, इसके बाद वहां से वापस घटनास्थल पर आ गया। दो घंटे तक टोनी यही करता रहा। इस आधार पर भी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
शाम को बच्चों का घरों से निकलना बंद
दो बच्चों की हत्या से गांव में सनसनी फैल गई है। निर्मम हत्या की वजह हर कोई जानना चाह रहा है। घटना के बाद से ही गांव के लोग बच्चों को रात के समय बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। इस घटना के बाद शाम के समय गांव के बच्चे घरों में कैद हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक आरोपियों का पता नहीं चल जाता, तब तक सख्ती बरतेंगे।
पिता से बोला था प्रिंस, पापा कल आऊंगा...
चिलुआताल के परमेश्वरपुर नवापार निवासी राकेश का बेटा प्रिंस 19 जनवरी को मां पिंकी के साथ अपनी बुआ के घर भक्सा गया था। वहां से 22 जनवरी को उसको वापस घर आना था, लेकिन रिश्तेदारों ने जिद करके एक दिन और रोक लिया। राकेश ने बताया कि बृहस्पतिवार को प्रिंस से बात हुई थी। उसने शुक्रवार को आने की बात कही थी, लेकिन देर शाम उसके लापता होने की सूचना मिली। प्रिंस परमेश्वरपुर के एक स्कूल में कक्षा चार में पढ़ता था। उसके छोटे भाई कार्तिक और बहन का नाम रितिका है। पिता राकेश मजदूरी करते हैं। शनिवार को पिता ने मानीराम घाट पर बेटे का दाह संस्कार किया।
कक्षा पांच में पढ़ता था अभिषेक
भक्सा गांव के इंद्रेश का बेटा अभिषेक माथाबारी में गुरुकुल शिशु मंदिर में कक्षा पांच का छात्र था। वह चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। दो बहनें गूंजा, सरोज और एक छोटा भाई बुद्धांश है। पिता इंद्रेश दिल्ली में कारपेंटर का काम करते हैं। मां रीता देवी घर पर बच्चों को संभालती हैं। शनिवार को जब पोस्टमार्टम के बाद अभिषेक का शव घर पहुंचा, पूरा परिवार दहाड़ मारकर रोने लगा। भीड़ और हंगामा न हो इसके लिए पहले से गांव में पुलिस फोर्स भी तैनात कर दी गई थी। पुलिस फोर्स की मौजूदगी में दोपहर में इंद्रेश ने बेटे का दाह संस्कार किया। इस दौरान पूरा गांव घाट पर उमड़ पड़ा था। सिसई घाट पर पहुंची कांग्रेस जिला अध्यक्ष निर्मला पासवान अंतिम संस्कार में शामिल होकर पीड़ित परिवार के घर पहुंची और न्याय की गुहार लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
ये थी पूरी घटना
सहजनवां के भक्सा गांव में शुक्रवार को प्रिंस (12) और अभिषेक कुमार (14) की लाश मिली थी। दोनों का गला रेता गया था और हाथ-पैर बंधे थे। भक्सा निवासी दिनेश के घर चिलुआताल में रहने वाले उनके साले राकेश का लड़का प्रिंस अपनी मां के साथ खिचड़ी लेकर 19 जनवरी को आया था। बगल में ही दिनेश के भाई इंद्रेश के बेटे अभिषेक कुमार से प्रिंस की अच्छी दोस्ती हो गई थी। दोनों रोज शाम को साइकिल से खेत की तरफ शौच के लिए जाते थे। बृहस्पतिवार शाम पांच बजे साइकिल से दोनों निकले, फिर उनकी लाश मिली।
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