फफूंद, रेनू गुप्ता, संवाददाता।
विकासखंड भाग्यनगर के प्राथमिक विद्यालय धर्मपुर को गदनपुर विद्यालय में मर्ज किए जाने से नाराज बच्चों और ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराया। सोमवार सुबह विद्यालय में ताला लगा मिलने पर बच्चों में आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों और छात्रों ने स्पष्ट कहा कि "शिक्षा हम यहीं ग्रहण करेंगे, किसी और गाँव नहीं जाएंगे।"
धर्मपुर प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक करीब 50-55 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। जबकि अब इस विद्यालय को गदनपुर के प्राथमिक विद्यालय में समायोजित कर दिया गया है, जहाँ वर्तमान में सिर्फ 34 बच्चों की उपस्थिति है।
धर्मपुर विद्यालय में पक्की सड़क, खेल का मैदान, पेयजल व्यवस्था, शौचालय, किचन शेड और एकल कक्ष जैसी समुचित सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके बावजूद इस विद्यालय को मर्ज करना ग्रामीणों के लिए चौंकाने वाला निर्णय है।
ग्रामीणों ने जताई चिंता
ग्रामीणों ने बताया कि गदनपुर जाने के लिए बच्चों को फफूंद से मुरादगंज जोड़ने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस रोड पार करनी पड़ती है, जिससे बच्चों को सड़क दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को प्रतिदिन उस सड़क से भेजना जोखिम भरा है।
बच्चों ने जताई भावनाएं
बच्चों ने हाथों में तख्तियाँ लेकर विरोध करते हुए कहा –
> “हमें शिक्षा चाहिए, लेकिन अपने गाँव में ही।”
“हमें खतरे की ओर मत भेजो, हमारा विद्यालय मत छीनो।”
ग्रामीणों ने प्रशासन और शासन से मांग की है कि धर्मपुर प्राथमिक विद्यालय को फिर से चालू किया जाए और बच्चों को स्थानीय स्तर पर ही शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिले।
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