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Auraiya : साइबर थाना पुलिस ने दो साइबर ठग दबोचे, 2.29 लाख नकद व 103 क्यूआर स्कैनर बरामद




औरैया। जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। साइबर थाना पुलिस टीम ने ऑनलाइन ठगी करने वाले दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 2 लाख 29 हजार 500 रुपये नकद, पेटीएम के 16, भारत पे के 12 और फोन पे के 75 क्यूआर स्कैनर (कुल 103), तीन मोबाइल फोन तथा चार फर्जी सिम कार्ड बरामद किए हैं।
यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक कानपुर परिक्षेत्र के निर्देशन में, पुलिस अधीक्षक औरैया के नेतृत्व तथा अपर पुलिस अधीक्षक औरैया एवं क्षेत्राधिकारी बिधूना/साइबर के पर्यवेक्षण में की गई।
क्यूआर कोड बनाने के नाम पर करते थे ठगी
पुलिस के अनुसार 27 नवंबर 2025 को साइबर थाना औरैया में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि कोतवाली औरैया क्षेत्र के निगड़ा निवासी सुशील कुमार की करमपुर रोड स्थित परचून की दुकान पर अज्ञात व्यक्ति फोन-पे बॉक्स ठीक करने व नया क्यूआर कोड बनाने के नाम पर आया और 2 लाख 29 हजार 800 रुपये की ठगी कर ली। मामले में साइबर थाने पर मुकदमा संख्या 02/2026 धारा 318(4) बीएनएस व 66 सी आईटी एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।
मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तारी
पुलिस टीम ने तकनीकी व मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए 14 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 12:50 बजे ककोर बंबा पान की दुकान से 150 मीटर आगे फफूंद की ओर से दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। पूछताछ व बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 417(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है।
गिरफ्तार अभियुक्त
निखलेश पुत्र संजय सिंह, निवासी ग्राम कैरानी, थाना शिवली, जिला कानपुर देहात (उम्र करीब 20 वर्ष)
उद्धभ्य उर्फ गगन कश्यप पुत्र जयराम, निवासी गंगागंज कॉलोनी, थाना पनकी, जिला कानपुर नगर (उम्र करीब 18 वर्ष)
ऐसे करते थे वारदात
अभियुक्तों ने बताया कि वे दुकानदारों को क्यूआर कोड बनाने व फोन-पे बॉक्स ठीक करने का झांसा देकर उनकी बैंकिंग जानकारी, यूपीआई पिन व मोबाइल सिम का यूनिक पोर्टेबिलिटी कोड हासिल कर लेते थे। इसके बाद यूपीआई सक्रिय कर खातों से रकम निकालकर अन्य खातों में ट्रांसफर कर देते थे।

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