फफूंद। फफूंद रेलवे स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर मंगलवार शाम करीब सात बजे नगरवासियों ने मोबाइल टॉर्च फ्लैशलाइट मार्च निकाला। सैकड़ों लोगों ने हाथों में मोबाइल की रोशनी लेकर रेलवे प्रशासन के प्रति विरोध जताया और लंबे समय से लंबित ट्रेनों के ठहराव की मांग जोरदार तरीके से उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि फफूंद रेलवे स्टेशन क्षेत्र का प्रमुख स्टेशन है, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री विभिन्न शहरों के लिए आवागमन करते हैं। इसके बावजूद कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ट्रेन पकड़ने के लिए लोगों को दूसरे स्टेशनों का रुख करना पड़ता है।
बंद और प्रस्तावित ट्रेनों के ठहराव की मांग
नगरवासियों ने रेलवे प्रशासन से फफूंद स्टेशन पर लंबे समय से बंद या प्रस्तावित ट्रेनों के ठहराव को पुनः शुरू करने की मांग की। साथ ही क्षेत्र की जरूरत को देखते हुए प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस मांग को लेकर क्षेत्र की जनता लंबे समय से आवाज उठा रही है, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ है।
वंदे भारत, शताब्दी समेत कई ट्रेनों का ठहराव मांगा
मोबाइल टॉर्च मार्च में वंदे भारत, शताब्दी, मूरी एक्सप्रेस, लिंक एक्सप्रेस और चित्रकूट पैसेंजर जैसी प्रमुख ट्रेनों के फफूंद स्टेशन पर ठहराव की मांग की गई। लोगों का कहना था कि इन ट्रेनों के रुकने से फफूंद, दिबियापुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। इससे क्षेत्र के व्यापार और आवागमन को भी बढ़ावा मिलेगा।
मार्च में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अरविंद पोरवाल, धीरज शुक्ला, श्याम कुमार, अजय पैराडाइज, सचिन गुप्ता, अमित गुप्ता, अक्षय त्रिपाठी, विवेक कुमार, रवि कुमार, अमित कुमार और प्रवीण कुमार समेत बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे।
मोबाइल की रोशनी के जरिए निकाले गए इस मार्च में लोगों ने रेलवे प्रशासन से जल्द निर्णय लेकर फफूंद रेलवे स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।
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