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Auraiya : औरैया साइबर टीम की बड़ी कार्रवाई, अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गैंग का भंडाफोड़



टावर बास्ट और फर्जी "री-पे ऐप" के जरिए 1.43 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार; 61 एटीएम कार्ड, दो लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद।

औरैया | संवाददाता

औरैया पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को मोबाइल टावर लगाने और फर्जी निवेश योजना के नाम पर झांसा देकर साइबर ठगी करता था। पुलिस के अनुसार गिरोह ने अब तक करीब 1.43 करोड़ रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 61 एटीएम कार्ड, दो लैपटॉप, एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन तथा अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर क्राइम थाना एवं साइबर सेल की टीम को सूचना मिली थी कि बिधूना क्षेत्र में एक व्यक्ति ऑनलाइन ठगी के नेटवर्क का संचालन कर रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ और जांच में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा हुआ।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी और उसके साथी सोशल मीडिया, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से मोबाइल टावर लगवाने और अधिक मुनाफा देने वाली निवेश योजनाओं के विज्ञापन प्रसारित करते थे। लोगों का विश्वास जीतने के लिए शुरुआत में 1,500 से 2,000 रुपये तक का भुगतान भी किया जाता था। इसके बाद पीड़ितों से 3,500 से 8,000 रुपये या उससे अधिक की रकम निवेश के नाम पर जमा कराई जाती थी और फिर उनसे संपर्क तोड़ दिया जाता था।
गिरोह लोगों को यह विश्वास दिलाता था कि यदि उनके पास 200 मीटर जमीन है तो वहां मोबाइल टावर लगाया जाएगा और इसके बदले हर महीने 1.20 लाख रुपये किराया मिलेगा। इसी बहाने पंजीकरण, प्रोसेसिंग और अन्य शुल्क के नाम पर उनसे पैसे वसूले जाते थे। इसके अलावा पीड़ितों को "री-पे ऐप" नाम का फर्जी APK डाउनलोड कराया जाता था। ऐप इंस्टॉल होते ही गैलरी, कॉन्टैक्ट, एसएमएस और लोकेशन सहित कई महत्वपूर्ण परमिशन हासिल कर ली जाती थीं, जिसके बाद साइबर अपराधी बैंक खातों और डिजिटल भुगतान माध्यमों से रकम निकाल लेते थे।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 61 एटीएम कार्ड, दो लैपटॉप, एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन तथा अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ थाना बिधूना में मु.अ.सं. 17/2025 के तहत धारा 318(4), 317(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा 66(सी) और 66(डी) आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी की पहचान फिलहाल गोपनीय रखी है तथा गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
औरैया पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, मोबाइल ऐप या निवेश योजना पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। मोबाइल टावर लगवाने, अधिक मुनाफे का लालच देने वाले विज्ञापनों और संदिग्ध ऐप्स से सतर्क रहें। यदि कोई साइबर ठगी का शिकार होता है तो तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं या निकटतम पुलिस थाने से संपर्क करें।
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम राजीव कुमार एवं साइबर क्राइम थाना/साइबर सेल की टीम की प्रमुख भूमिका रही।

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