औरैया। जनपद के अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के सैदपुर गांव में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां जिस व्यक्ति को मृत मानकर परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया था, वह तीन दिन बाद जीवित घर लौट आया। घटना के बाद परिवार के साथ-साथ पुलिस भी हैरान है। अब पुलिस उस अज्ञात शव की पहचान और मौत के कारणों की जांच कर रही है, जिसका अंतिम संस्कार कमल सिंह समझकर कर दिया गया था।
जानकारी के अनुसार, सैदपुर निवासी कमल सिंह (40) करीब डेढ़ वर्ष पहले पत्नी सुनीता से विवाद के बाद घर छोड़कर चला गया था। बताया जाता है कि उसने पत्नी को बिना बताए अपना खेत बेच दिया था, जिसको लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। इसके बाद कमल बिना किसी को बताए घर छोड़कर चला गया। काफी तलाश के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज करा दी।
कुछ दिन पहले पुलिस को एक सड़ा-गला अज्ञात शव मिला। कपड़ों और कद-काठी के आधार पर कमल के भाई ने उसकी पहचान कमल सिंह के रूप में कर दी। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया और परिवार ने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया।
शनिवार को पत्नी सुनीता ने अपने पुराने मोबाइल में आए अज्ञात नंबरों पर कॉल बैक किया। एक नंबर पर बात करने के दौरान उसे पता चला कि सामने वाला व्यक्ति उसका लापता पति कमल सिंह ही है। सुनीता ने उसे बताया कि परिवार ने उसे मृत मानकर अंतिम संस्कार कर दिया है और पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। यह सुनकर कमल शनिवार रात घर लौट आया। उसे जीवित देखकर परिवार और ग्रामीण दंग रह गए।
कमल ने बताया कि घर छोड़ने के बाद वह पहले पानीपत में एक मुर्गी फार्म पर काम करता रहा, फिर ट्रक हेल्पर बना और बाद में ग्वालियर में प्लंबिंग का काम करने लगा। उसने बताया कि इलाज के दौरान उसने कई बार पत्नी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो सकी।
सीओ अजीतमल मनोज गंगवार ने बताया कि परिजनों की शिनाख्त के आधार पर ही शव की पहचान की गई थी। अब कमल के जीवित मिलने के बाद परिवार से लिखित पुष्टि ली गई है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि जिस अज्ञात शव का अंतिम संस्कार किया गया, वह किसका था और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।
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