दिबियापुर/औरैया। फफूंद रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की बहाली न होने से नाराज स्थानीय नागरिकों ने सोमवार को अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने रेल मंत्री के नाम स्टेशन अधीक्षक फफूंद को ज्ञापन सौंपते हुए व्यंग्यात्मक रूप से फफूंद रेलवे स्टेशन को "अभागा स्टेशन" घोषित करने और बची हुई सभी एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव भी समाप्त करने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि कोरोना काल के बाद मुरी एक्सप्रेस और लिंक एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव फफूंद स्टेशन से हटा दिया गया था, जिसे आज तक बहाल नहीं किया गया है। वहीं, आसपास के कई छोटे स्टेशनों पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव दिए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है।
नागरिकों ने बताया कि फफूंद एक 'ए' ग्रेड रेलवे स्टेशन है, जहां से प्रतिवर्ष 10 करोड़ रुपये से अधिक की टिकट बिक्री होती है। इसके बावजूद एक्सप्रेस ट्रेनें यहां बिना रुके गुजर जाती हैं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
ज्ञापन में कटाक्ष करते हुए कहा गया कि जब 10 करोड़ रुपये का राजस्व देने वाला 'ए' ग्रेड स्टेशन भी रेलवे प्रशासन की नजर में महत्व नहीं रखता, तो यहां केवल पैसेंजर ट्रेनों का ही संचालन किया जाए ताकि स्थानीय लोगों को अपनी उपेक्षा का एहसास हमेशा बना रहे।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग उठाई कि यदि एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव बहाल नहीं किया जा सकता तो फफूंद स्टेशन का नाम बदलकर "नॉन-स्टॉप स्टेशन" कर दिया जाए।
इस दौरान युवा समाजसेवी अक्षय त्रिपाठी, व्यापार मंडल नगर अध्यक्ष अजय गुप्ता पैराडाइज, श्रीकृष्ण पिछड़ा, आदर्श यादव, पूर्व सभासद अनिल यादव, हरवीर सिंह यादव, अशोक उर्फ संदीप यादव, पंकज पोरवाल, उमेश कुमार, मोहन, प्रशांत और रमेश चंद्र तिवारी सहित नगर के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। ज्ञापन की प्रतियां मंडल रेल प्रबंधक प्रयागराज को भी भेजी गई
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